मोबाइल पर पड़ी जाने वाली पुस्तक एवं उसकी ऑडियो बुक . For Mobile reading Ebook & Audio Book. 5 अगस्त रात्रि 9 बजे विमोचन के उपरान्त मेल के द्वारा ऑडियो बुक 48 घंटे में प्राप्त होगी

निर्वाण की हूक जगे तो ही कहीं साधनात्मक जीवन के प्रति गंभीरता उतपन्न हो। निर्वाण षट्कम आदि गुरु शंकराचार्य जी के ब्रह्म तत्व में पूर्ण विलय अवस्था की सौंदर्य पूर्ण अभिव्यक्ति। जो शब्दातीत है पर नेति - नेति के सिद्धान्त पर आधारित उसके बोध का एक प्रयास भी है। निर्वाण षट्कम का अध्ययन, मनन और गायन एक अद्भुत ध्यान की अवस्था को प्रदान करा देता है जो सामान्यतः सहज नहीं है।

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