आत्म विश्वास बिना जीवन अधूरा - एक विशेष श्रृंखला आरम्भ हो चुकि

आत्म विश्वास बिना जीवन अधूरा - एक विशेष श्रृंखला आरम्भ हो चुकि

 

आत्मीय साधक ,

ध्यान रहे की यह आत्म विश्वास श्रृंख्ला केवल मात्र प्रेरक नहीं अपितु उन प्रभावशाली सुलभ विधियों को बताएगी जिससे आत्म विश्वास विकसित किया जा सके।  

यह एक श्रृंखला विशेषकर युवाओं को ध्यान में रखते हुए आरम्भ की गई है।
आत्म विश्वास के अभाव में अनेकों योग्य युवा बड़े उद्देश्यों पर कदम उठाने से चूके रह जाते हैं और वहीँ इसी आत्म विश्वास के कारण अनेकों ऐसे लोग जिनमे योग्यता प्रायः नहीं होती वह अपने जुगाड़ रचते हुए आगे बढ़ जाते हैं।

आत्म विश्वास जैसी क्षमता निश्चित रूप की जा सकती है और आध्यात्मिक उपाय इसके लिए अमोघ होते हैं। यूँ तो आत्म विकास की कोई आयु नहीं होती है, किसी भी आयु में आत्म विश्वास विकसित करने के प्रयास आरम्भ किये जा सकते हैं। आप 85 वर्ष की आयु में भी इसे विकसित करने का संकल्प ले सकते हैं।
इस पर भी यह आत्म विश्वास विकास की श्रृंखला भारत के युवाओं को समर्पित है जिनकी आयु 18 से 45 वर्ष की है। सपने दबे न रह जाएं और युवाओं की रचनात्मक शक्ति दब्बू न पड़ी रहे, इसके लिए यह अध्यापक अपनी क्षमताओं में इस विषय को लेकर चल पड़े हैं।

ध्यान रहे की यह आत्म विश्वास श्रृंख्ला केवल मात्र प्रेरक नहीं अपितु उन प्रभावशाली सुलभ विधियों को बताएगी जिससे आत्म विश्वास विकसित किया जा सके। एक एक करके प्रति सप्ताह इस श्रृंखला में इसी प्रकार के वीडियो प्रस्तुत होंगे

आत्म विश्वास बिना जीवन अधूरा - आत्म विश्वास विकसित कैसे करना है ? Part - 1 

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